रविवार, 28 फ़रवरी 2016

The Power of Positive Thinking Hindi

सकारात्मक सोच की शक्ति –

सकारात्मक सोच की शक्ति 

The Power of Positive Thinking and Attitude

सकारात्मक सोच (Positive Thinking) के बिना जिंदगी अधूरी है| सकारात्मक सोच की शक्ति से घोर अन्धकार को भी आशा की किरणों (Lights of Hope) से रौशनी में बदला जा सकता है| हमारे विचारों पर हमारा स्वंय का नियंत्रण होता है इसलिए यह हमें ही तय करना होता है कि हमें सकारात्मक सोचना है या नकारात्मक|
हर विचार एक बीज है – Every Thought is a Seed|
हमारे पास दो तरह के बीज होते है सकारात्मक विचार (Positive) एंव नकारात्मक विचार (Negative Thoughts) है, जो आगे चलकर हमारे दृष्टिकोण एंव व्यवहार रुपी पेड़ का निर्धारण करता है| हम जैसा सोचते है वैसा बन जाते है (What we think we become) इसलिए कहा जाता है कि जैसे हमारे विचार होते है वैसा ही हमारा आचरण होता है|
यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपने दिमाग रुपी जमीन में कौनसा बीज बौते है| थोड़ी सी चेतना एंव सावधानी से हम कांटेदार पेड़ को महकते फूलों के पेड़ में बदल सकते है|

डेविड एंव गोलियथ की कहानी David and Goliath Bible Story in Hindi
बाइबिल की एक कहानी काफी प्रसिद्ध है| एक गाँव में गोलियथ नाम का एक ऱाक्षस था। उससे हर व्यक्ति डरता था एंव परेशान था। एक दिन डेविड नाम का भेंङ चराने वाला लङका उसी गाँव में आया जहाँ लोग राक्षस के आतंक से भयभीत थे। डेविड ने लोगों से कहा कि आप लोग इस राक्षस से लङते क्यों नही हो?
तब लोगों ने कहा – “वो इतना बङा है कि उसे मारा नही जा सकता”
डेविड ने कहा – “आप सही कह रहे है कि वह राक्षस बहुत बड़ा है| लेकिन बात ये नही है कि बङा होने की वजह से उसे मारा नही जा सकता, बल्कि हकीकत तो ये है कि वह इतना बङा है कि उस पर लगाया निशाना चूक ही नही सकता।“
फिर डेविड ने उस राक्षस को गुलेल से मार दिया। राक्षस वही था, लेकिन डेविड की सोच अलग थी।

कौनसे रंग का चश्मा पहना है? Positive or Negative
जिस तरह काले रंग का चश्मा पहनने पर हमें सब कुछ काला और लाल रंग का चश्मा पहनने पर हमें सब कुछ लाल ही दिखाई देता है उसी प्रकार नेगेटिव सोच से हमें अपने चारों ओर निराशा, दुःख और असंतोष ही दिखाई देगा और पॉजिटिव सोच से हमें आशा, खुशियाँ एंव संतोष ही नजर आएगा|
यह हम पर निर्भर करता है कि सकारात्मक चश्मे से इस दुनिया को देखते है या नकारात्मक चश्मे से| अगर हमने पॉजिटिव चश्मा पहना है तो हमें हर व्यक्ति अच्छा लगेगा और हम प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई खूबी ढूँढ ही लेंगे लेकिन अगर हमने नकारात्मक चश्मा पहना है तो हम बुराइयाँ खोजने वाले कीड़े बन जाएंगे|

नकारात्मक से सकारात्मक की ओर:-
सकारात्मकता (Positivity) की शुरुआत आशा और विश्वास से होती है| किसी जगह पर चारों ओर अँधेरा है और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा और वहां पर अगर हम एक छोटा सा दीपक जला देंगे तो उस दीपक में इतनी शक्ति है कि वह छोटा सा दीपक चारों ओर फैले अँधेरे को एक पल में दूर कर देगा| इसी तरह आशा की एक किरण सारे नकारात्मक विचारों को एक पल में मिटा सकती है|
नकारात्मकता को नकारात्मकता समाप्त नहीं कर सकती, नकारात्मकता को तो केवल सकारात्मकता ही समाप्त कर सकती है| इसीलिए जब भी कोई छोटा सा नकारात्मक विचार मन में आये उसे उसी पल सकारात्मक विचार में बदल देना चाहिए|
उदाहरण के लिए अगर किसी विद्यार्थी को परीक्षा से 20 दिन पहले अचानक ही यह विचार आता है कि वह इस बार परीक्षा (Exam) में उत्तीर्ण नहीं हो पाएगा तो उसके पास दो विकल्प है – या तो वह इस विचार को बार-बार दोहराए और धीरे-धीरे नकारात्मक पौधे को एक पेड़ बना दे या फिर उसी पल इस नेगेटिव विचार को पॉजिटिव विचार में बदल दे और सोचे कि कोई बात नहीं अभी भी परीक्षा में 20 दिन यानि 480 घंटे बाकि है और उसमें से वह 240 घंटे पूरे दृढ़ विश्वास के साथ मेहनत करेगा तो उसे उत्तीर्ण होने से कोई रोक नहीं सकता| अगर वह नेगेटिव विचार को सकारात्मक विचार में उसी पल बदल दे और अपने पॉजिटिव संकल्प को याद रखे तो निश्चित ही वह उत्तीर्ण होगा|

“सकारात्मक सोचना या न सोचना हमारे मन के नियंत्रण में है और हमारा मन हमारे नियन्त्रण में है| अगर हम अपने मन से नियंत्रण हटा लेंगे तो मन अपनी मर्जी करेगा और हमें पता भी नहीं चलेगा की कब हमारे मन में नकारात्मक पेड़ उग गए है|”

हिंदी सुविचार :- Suvichar in Hindi


कोई एक छोटा सा नकारात्मक विचार (Negative Thought) हमें कई दिनों तक निराश कर सकता है और एक छोटा सा सकारात्मक विचार (Positive Thought) हमारी निराशा को पल भर में दूर कर सकता है|
हम जब भी निराशा में होते है तो सकारात्मक सोच (positive thinking) ही हमें बचाती है| जब हम कोई प्रेरणादायक लेख (motivational article) पढते है तो हमारा आत्मविश्वास (Self Confidence) बढ़ता है और निराशा दूर हो जाती है| महापुरुषों के प्रेरणादायक सुविचार (Inspirational Thought) न केवल हमें सही रास्ता दिखाते है बल्कि इससे हमारा Personality Development भी होता है| सुविचारों (Suvichar) से हमें नयी उर्जा मिलती है और हमारा उत्साह बढ़ जाता है|
आज Happy Hindi पर ऐसे ही सुविचारों (Golden words in hindi) को share कर रहा हूँ जिसको जीवन में अपनाने से हमारी जिंदगी बदल सकती है (Life Changing thoughts).

Suvichar – सुविचार  

अनमोल वचन - suvichar
Suvichar: बारिश के दौरान सारे पक्षी आश्रय की तलाश करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को हीअवॉयड कर देते है। समस्याए कॉमन है, लेकिन आपका एटीट्यूड इसमें डिफरेंस पैदा करता है।
 अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

Suvichar:- आपको अपने भीतर से ही विकास करना होता है। कोई आपको सीखा नहीं सकता, कोई आपको आध्यात्मिक नहीं बना सकता। आपको सिखाने वाला और कोई नहीं, सिर्फ आपकी आत्मा ही है।
 Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
Suvichar: जागें, उठें और तब तक न रुकें जब तक लक्ष्य तक न पहुंच जाएं|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
अनमोल वचन: आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बिमारी को  मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई है। ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है।
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

Hindi Quote:विपरीत परस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं, तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ देते हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा
Anmol Vachan: देश का सबसे अच्छा दिमाग, क्लास रूम की आखरी बेंच पर भी मिल सकता है।
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Hindi Quote:आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदते बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदते आपका भविष्य बदल देगी।
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam
Hindi Thoughts: जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को  अलग तरह से करते हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा

अनमोल वचन:जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की, उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की|
Albert Einstein अल्बर्ट आइंस्टीन

Hindi Quote:अगर आप सोचते हैं कि आप कर सकते हैं, तो आप कर सकते हैं| अगर आप सोचते हैं कि आप नहीं कर सकते हैं, तो आप नहीं कर सकते हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा
Anmol Vachan: हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता|
Confucius कन्फ्यूशियस


Suvichar: भगवान ने मनुष्य को अपने समान ही बनाया, पर दुर्भाग्य से इन्सान ने भगवान को अपने जैसा बना डाला |
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी
Hindi Quote: उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हैं, फिर आपको पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करना पड़ेगा|
Confucius कन्फ्यूशियस

सुविचार: बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे  सोचो, विचारों  पर  किसी  का  एकाधिकार  नहीं  है|
Dheerubhai Ambani  धीरूभाई अंबानी
अनमोल विचार: क्रोध एक प्रचंड अग्नि है, जो मनुष्य इस अग्नि को वश में कर सकता है, वह उसको बुझा देगा | जो मनुष्य अग्नि को वश में नहीं कर सकता, वह स्वंय अपने को जला लेगा |
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

उच्च विचार: वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
Hindi Quote: मनुष्य को अपनी ओर खीचने वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह केवल प्रेम है |
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

Suvichar: गरीबी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है।
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

Hindi Thought: मनुष्य के चेहरे पर जो भाव उसकी आँखों के द्वारा प्रकट होते हैं, वे उसके मन की अनुकृति होते हैं| उन्हें देवता भी नहीं छुपा सकते|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: अपने कार्य की शीघ्र सिद्धि चाहने वाला व्यक्ति नक्षत्रों की प्रतीक्षा नहीं करता|
Chanakya चाणक्य

अनमोल वचन: इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी हैं|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

सुविचार: भाग्य उनका साथ देता है जो हर संकट का सामना करके भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ रहते है ।
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: पाप से घृणा करो, पापी से नहीं|
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

अनमोल विचार: महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|
Confucius कन्फ्यूशियस

Hindi Quote: प्रेम की शक्ति, हिंसा की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है|
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी


Anmol Vachan: कोई काम शुरू करने से पहले, स्वंय से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ?इसके परिणाम क्या हो सकते हैं? और क्या मैं सफल होऊंगा? और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: फायदा कमाने के लिए न्योते की ज़रुरत नहीं होती|
Dheerubhai Ambani  धीरूभाई अंबानी

Suvichar: संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं – एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों की संगति।
Chanakya चाणक्य

सत्य वचन: मैं अकेली हूँ, लेकिन फिर भी मैं हूँ| मैं सबकुछ नहीं कर सकती, लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूँ|और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती, मैं वो करने से पीछे नहीं हटूंगी जो मैं कर सकती हूँ|
Helen Keller  हेलेन केलर

अमृत वचन: क्रोध को पाले रखना, गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप स्वंय ही जलते हैं|
Lord Buddha  भगवानगौतम बुद्ध

प्रेरक विचार: कभी भी दुष्ट लोगों की सक्रियता समाज को बर्वाद नहीं करती, बल्कि हमेशा अच्छे लोगों की निष्क्रियता समाज को बर्बाद करती है|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सत्य वचन: यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती|
Mark Twain मार्क  ट्वैन

सुविचार: ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं| वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: तुम  फ़ुटबाल  के  जरिये  स्वर्ग  के  ज्यादा  निकट  होगे  बजाये  गीता  का  अध्ययन  करने  के|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
अनमोल विचार: मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है।
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

सुविचार: हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है।
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: भय ही पतन और पाप का निश्चित कारण है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
Anmol Vichar: किसी  दिन , जब  आपके  सामने कोई समस्या  ना  आये तो आप  सुनिश्चित  हो  सकते  हैं  कि  आप  गलत  मार्ग  पर  चल  रहे  हैं |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: किसी  चीज  से डरो मत, तुम  अद्भुत  काम  करोगे|यह  निर्भयता  ही  है  जो   क्षण  भर  में  परम  आनंद  लाती  है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Thought: जितना अध्ययन करते हैं, उतना ही हमें अपने अज्ञान का आभास होता जाता है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Suvichar: हम भारतीय सभी धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते , वरन सभी धर्मों को सच्चा मानकर स्वीकार भी करते हैं |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Positive Thought: जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: हमारे व्यक्तित्व की उत्पत्ति हमारे विचारों में है| शब्द गौण हैं, विचार मुख्य हैं और  उनका असर दूर तक होता है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
Suvichar: जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है|
Chanakya चाणक्य

Anmol Vachan: विश्वास वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में भी प्रकाश लाया जा सकता है|
Helen Keller  हेलेन केलर

सुविचार: किसी डिग्री का ना होन दरअसल फायेदेमंद है, अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं| पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सत्य वचन: अगर हम हल का हिस्सा नहीं हैं, तो हम समस्या हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा

अनमोल विचार: क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान, आत्म निर्भरता के साथ आता है?
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

सकारात्मक विचार: जीतने वाले कहते है कि मुझे कुछ करना है और हारने वाले बोलते है कि कुछ होना चाहिए|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सुविचार: आप ईश्वर में तब तक विश्वास नहीं कर पाएंगे जब तक आप अपने आप में विश्वास नहीं करते|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

सत्य वचन: तैयारी करने में फेल होने का अर्थ है, फेल होने के लिए तैयारी करना|
Benjamin Franklin  बेंजामिन  फ्रैंकलिन

अनमोल वचन: एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है, वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है| यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है| यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती|
Lord Buddha  भगवान गौतम बुद्ध

Hindi Thought: इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

अमृत वचन: जिसके पास धैर्य है वह जो चाहे वो पा सकता है.
Benjamin Franklin  बेंजामिन  फ्रैंकलिन

सत्य वचन: किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

Hindi Quote: सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखते है, सपने वो है जो आपको नींद नहीं आने देते।
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

प्रेरक विचार: किसी  वृक्ष  को  काटने  के  लिए  आप  मुझे  छ:  घंटे  दीजिये  और  मैं  पहले  चार  घंटे  कुल्हाड़ी  की  धार तेज  करने  में  लगाऊंगा|
Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन

Hindi Quote: जब कभी कोई व्यक्ति कहता है कि वो ये “नहीं कर सकता है”, तो असल में वो दो चीजें कह रहा होता है| या तो मुझे पता नहीं है कि ये कैसे होगा या मैं इसे करना नहीं चाहता|
Shiv Khera शिव खेड़ा

 


हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा|

जीवन के बारे में अनमोल विचार-

Quotes on Life in Hindi –



Life quotes in hindi

Best Life Quotes in Hindi

जीवन के बारे में सुविचार

 

Life is the Most Difficult Exam

Hindi Quote #1: जिंदगी एक परीक्षा है| ज्यादातर लोग इसमें असफल हो जाते है क्योंकि वे दूसरों की नक़ल करते है| वे यह नहीं समझ पाते कि सबके प्रश्नपत्र अलग-अलग होते है|
अज्ञात – Unknown

The Biggest Failure of Life

Hindi Quote #2: जिंदगी की सबसे बड़ी असफलता, “प्रयास न करना” है|
अज्ञात – Unknown

Use of Life

Hindi Quote #3: जिंदगी का सबसे अच्छा उपयोग, इसे ऐसे कार्य में लगाने से है जो इसके बाद भी रहे|
विलियम जेम्स – William James

Seven Deadly Sins

Hindi Quote #4: सात चीजें हमारा जीवन बर्बाद कर देती है:- बिना मेहनत के धन, बिना विवेक के सुख, बिना सिध्दांतों के राजनीति, बिना चरित्र के ज्ञान, बिना नैतिकता के व्यापार, बिना मानवता के विज्ञान, बिना त्याग के पूजा|
महात्मा गाँधी – Mahatma Gandhi

We are not Alone

Hindi Quote #5: आसमान में देखो, हम अकेले नहीं है| पूरा ब्रह्माण्ड हमारे साथ है, जो मेहनत करने वालों के सपने पूरे करने में उनकी मदद करता है|
अब्दुल कलाम  – Abdul Kalam

Live and Learn

Hindi Quote #6: जियो ऐसे कि तुम कल मरने वाले हो और सीखो ऐसे कि तुम हमेशा के जीने वाले हो|
महात्मा गाँधी – Mahatma Gandhi

Life is not about waiting

Hindi Quote #7: जीवन तूफान के चले जाने का इन्तजार करने में नहीं, बल्कि जीवन तो बरसात में भीगने का आनंद लेने में है|
Anonymous – अज्ञात

I Know Nothing

Hindi Quote #8: जीवनभर ज्ञान अर्जित करने बाद, मैं केवल इतना जान पाया हूँ कि मैं अभी तक कुछ भी नहीं जान पाया हूँ| 
सुकरात –Socrates

Life is like a bicycle

Hindi Quote #9: जीवन एक साईकिल चलाने की तरह है| आपको संतुलन बनाने के लिए आगे बढ़ते रहना होता है |
अल्बर्ट आइंस्टीन – Albert Einstein

 Live Your Dream Life

Hindi Quote #10: जब तुम्हारा जन्म हुआ था, तब तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था| अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ|
प्राचीन संस्कृत वक्तव्य – Sanskrit Sloka

Smile

Hindi Quote #11: ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है, जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये, ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे, सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये|
अज्ञात – Agyat

God

Hindi Quote #12: भगवान उनकी मदद करता है, जो स्वंय अपनी मदद करता है|
बेंजामिन  फ्रैंकलिन – Benjamin Franklin

Awake 

Hindi Quote #13: उठो, जागो और तब तक न रूको, जब तक लक्ष्य तक न पहुँच जाओ|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Be a Helping Hand

Hindi Quote #14: जीवन में किसी की निंदा मत कीजिए| अगर आप किसी की मदद कर सकते है, तो उसकी तरफ मदद का हाथ  बढ़ाइये| अगर आप किसी की मदद नहीं कर सकते तो अपने हाथ जोड़िये, शुभकामनाएं दीजिए और उन्हें अपने लक्ष्य पर जाने दीजिए|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Happiness is a Choice, not a Result

Hindi Quote #15: जब जिंदगी आपको दुखी होने के सौ कारण बताए, तो आप जिंदगी को बताओ कि आपके पास मुस्कुराने के हजार कारण है|   

जीवन क्या है? – What is Life In Hindi


Life – जीवन

विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) ने कहा था कि जिंदगी एक रंगमंच है और हम लोग इस रंगमंच के कलाकार | सभी लोग जीवन (Life) को अपने- अपने नजरिये से देखते है| कोई कहता है जीवन एक खेल है (Life is a game), कोई कहता है जीवन ईश्वर का दिया हुआ उपहार है (Life is a gift), कोई कहता है जीवन एक यात्रा है (Life is a journey), कोई कहता है जीवन एक दौड़ है (Life is a race) और बहुत कुछ|
मैं आज यहाँ पर “जीवन” के बारें में अपने विचार share कर रहा हूँ और बताने की कोशिश करूंगा की जीवन क्या है? (What is Life)|


My Thoughts on Life in Hindi

जीवन क्या है?  – What is Life

 Thoughts on Life
मनुष्य का जीवन एक प्रकार का खेल है – Life is a Game
और मनुष्य इस खेल का मुख्य खिलाडी|
यह खेल मनुष्य को हर पल खेलना पड़ता है|

इस खेल का नाम है “Game of Thoughts (विचारों का खेल)”|

इस खेल में मनुष्य को दुश्मनों से बचकर रहना पड़ता है|

मनुष्य अपने दुश्मनों से तब तक नहीं बच सकता जब तक मनुष्य के मित्र उसके साथ नहीं है|

मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र “विचार (thoughts)” है, और उसका सबसे बड़ा दुश्मन भी विचार (Thoughts) ही है|

मनुष्य के मित्रों को सकारात्मक विचार (Positive Thoughts) कहते है और मनुष्य के दुश्मनों को नकारात्मक विचार (Negative Thoughts) कहा जाता है|

मनुष्य दिन में 60, 000 से 90, 000 विचारों (Thoughts) के साथ रहता है|

यानि हर पल मनुष्य एक नए दोस्त (Positive Thought) या दुश्मन (Negative Thought) का सामना करता है|

मनुष्य का जीवन विचारों के चयन (Selection of Thoughts) का एक खेल है|

इस खेल में मनुष्य को यह पहचानना होता है कि कौनसा विचार उसका दुश्मन है और कौनसा उसका दोस्त, और फिर मनुष्य को अपने दोस्त को चुनना होता है|

हर एक दोस्त (One Positive Thought) अपने साथ कई अन्य दोस्तों (Positive Thoughts) को लाता है और हर एक दुश्मन (One Negative Thought) अपने साथ अनेक दुश्मनों (Negative Thoughts) को लाता है|
इस खेल का मूल मंत्र यही है कि मनुष्य जब निरंतर दुश्मनों (Negative Thoughts) को चुनता है तो उसे इसकी आदत पड़ जाती है और अगर वह निरंतर दोस्तों (Positive Thoughts) को चुनता है, तो उसे इसकी आदत पड़ जाती है|

जब भी मनुष्य कोई गलती करता है और कुछ दुश्मनों को चुन लेता है तो वह दुश्मन, मनुष्य को भ्रमित कर देते है और फिर मनुष्य का स्वंय पर काबू नहीं रहता और फिर मनुष्य निरंतर अपने दुश्मनों को चुनता रहता है|

मनुष्य के पास जब ज्यादा मित्र रहते है और उसके दुश्मनों की संख्या कम रहती है तो मनुष्य निरंतर, इस खेल को जीतता जाता है| मनुष्य जब जीतता है तो वह अच्छे कार्य करने लगता है और सफलता उसके कदम चूमती है, सभी उसकी तारीफ करते है और वह खुश रहता है|

लेकिन जब मनुष्य के दुश्मन, मनुष्य के मित्रो से मजबूत हो जाते है, तो मनुष्य हर पल इस खेल को हारता जाता है और निराश एंव क्रोधित रहने लगता है|

मनुष्य को विचारों के चयन में बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि मनुष्य के दुश्मन, मनुष्य को ललचाते है और मनुष्य को लगता है कि वही उसके दोस्त है|

जो लोग इस खेल को खेलना सीख जाते है वे सफल हो जाते है और जो लोग इस खेल को समझ नहीं पाते वे बर्बाद हो जाते है|

इस खेल में ज्यादातर लोगों कि समस्या यह नहीं है कि वे अपने दोंस्तों और दुश्मनों को पहचानते नहीं बल्कि समस्या यह है कि वे दुश्मनों को पहचानते हुए भी उन्हें चुन लेते है|

ईश्वर (या सकारात्मक शक्तियाँ), मनुष्य को समय-समय पर कई तरीकों से यह समझाते रहते है कि इस खेल को कैसे खेलना है लेकिन यह खेल मनुष्य को ही खेलना पड़ता है| जब मनुष्य इसमें हारता रहता है और यह भूल जाता है कि इस खेल को कैसे खेलना है तो ईश्वर फिर उसे बताते है कि इस खेल को कैसे खेलना है|
————————————- यही है जीवन

जीवन का रहस्य - The Secret of Life in Hindi

The Secret of Life in Hindi – जीवन का रहस्य

एक अपराधी, अपराध क्यों करता है?? उसका अपराध करने का उद्देश्य क्या होता है??
एक संत, सेवा क्यों करता है ?? उसका सेवा करने का उद्देश्य क्या होता है ??
मैं यह ब्लॉग क्यों लिख रहा हूँ?? मेरा ब्लॉग लिखने का उद्देश्य क्या है??
आप यह ब्लॉग क्यों पढ़ रहें है?? आपका यह ब्लॉग पढ़ने का उद्देश्य क्या है??

एक अपराधी, एक संत, मैं, आप या इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति जो कुछ भी करता है उसका अंतिम उद्देश्य होता है – ख़ुशी| हर कोई व्यक्ति हमेशा, खुश रहना चाहता है|
एक चोर, चोरी करता है क्योंकि उसे लगता है कि उसे इससे पैसे मिलेंगे जिससे उसे ख़ुशी मिलेगी|
एक संत, दूसरों की भलाई के लिए अपना पूरा जीवन लगा देता है, क्योंकि उसे लगता है की उसे इससे ख़ुशी मिलेगी|
आप आज यह ब्लॉग पढ़ रहे है क्योंकि आपको लगता है कि इससे आपका जीवन बेहतर होगा और आप और अधिक खुश रहेंगे|
एक संत और एक अपराधी दोनों खुश रहना चाहते है, लेकिन दोनों के रास्ते अलग-अलग क्यों??

The Secret of Life in Hindi  

क्या आप जानते है, हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा रहस्य क्या है – What is the Secret of our life??
हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि “हम खुद को ही नहीं जानते”, शायद हम अपनी प्रकृति या मूल स्वभाव को ही नहीं जानते या फिर शायद जानते हुए भी अनजान है|
जिस तरह हमें पता है कि पानी का स्वभाव तरल होता है, उसी तरह क्या हमें पता है कि मनुष्य का मूल स्वभाव क्या है??
Self Realization alone image

क्या है हमारा मूल स्वभाव – Self Realization

हर व्यक्ति के अन्दर एक शांत शक्ति मौजूद है जिसे हम अपनी अंतरआत्मा कहते है| यह अंतरात्मा हर परिस्थति में सही होती है| यह अंतरात्मा हमेशा हमें सही रास्ता दिखाती है|
जब भी हम कुछ गलत कर रहे होते है, तब हमें बड़ा अजीब सा लगता है जैसे कोई यह कह रहा कि वह कार्य मत करो| यह हमारे अन्दर मौजूद आतंरिक शक्ति ही होती है जो हमें बुरा कार्य करने से रोकती है|
कहा जाता है कि हर मनुष्य के अन्दर ईश्वर का अंश होता है, यह ईश्वर का अंश हमारी अंतरआत्मा ही होती है|
हमारी प्रकृति या स्वभाव – शांत, शक्ति, प्रेम, निडर, सद्भाव, दूसरों की सहायता और अच्छाई है|
हर मनुष्य के अन्दर यह शांत और अद्भुत शक्ति मौजूद है, चाहे वह एक अपराधी हो या संत या और कोई व्यक्ति|
लेकिन फिर क्यों एक संत सही मार्ग पर चलता है और अपराधी गलत मार्ग पर ???
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि संत को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनाई देती है लेकिन अपराधी को वह आवाज अब सुनाई नही देती|
दरअसल जब हम अपनी अंतरात्मा की आवाज को अनसुना कर देते है तो हमारा अपनी अंतरात्मा से संपर्क कमजोर हो जाता है|
जब हम दूसरी बार कुछ बुरा करने जा रहे होते है तो हमें अपनी अंतरात्मा की आवाज फिर महसूस होती है लेकिन इस बार वह आवाज इतनी मजबूत नहीं होती क्योंकि हमारा अपनी अंतरात्मा से संपर्क कमजोर हो चुका होता है|
जैसे जैसे हम अपनी अंतरात्मा की आवाज को अनसुना करते जाते है वैसे वैसे हमारा अपनी अंतरात्मा के साथ संपर्क कमजोर होता जाता है और एक दिन ऐसा आता है कि हमें वो आवाज बिल्कुल नहीं सुनाई देती|
जैसे जैसे हमारा अपनी अंतरात्मा के साथ संपर्क कमजोर होता जाता है वैसे वैसे हम उदास रहने लगते है और खुशियाँ भौतिक वस्तुओं में ढूंढने लगते है| हम समस्याओं को हल करने में असक्षम हो जाते है जिससे “तनाव” हमारा हमसफ़र बन जाता है|

हम कहाँ जा रहे है ??

आज हमारी जिंदगी एक मशीन की तरह हो गई है जिसमें हम भागते रहते है, लेकिन हमें यह नहीं पता कि हमें जाना कहाँ है?? अगर हम स्वंय को पैसा इकठ्ठा करने वाला रोबोट कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी|
आज हमारे पास सब कुछ है, फिर भी ज्यादातर लोग खुश नहीं है??
ऐसा क्यों है??
इसका सीधा कारण है कि हमारा अपनी अंतरात्मा से संपर्क कमजोर हो गया है, इसलिए हम केवल बाहरी वस्तुओं में ख़ुशी ढूंढते है|
हमें लगता है कि क्रोध होना स्वाभाविक है| लेकिन क्या एक क्रोधी व्यक्ति खुश हो सकता है?? गुस्सा आने के बाद हमारा पूरा दिन या दो तीन घंटे तो ख़राब हो ही जाते है| ऐसा क्यों??
क्योंकि हमारा स्वभाव शांत रहने का है इसलिए जब हम क्रोध करते है, तो हम अपनी अंतरात्मा कि आवाज को अनसुना करते है|
दरअसल हम जितना अपनी अंतरात्मा की आवाज को अनसुना करते जाते है, उतना हम मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर होते जाते है|
हमारा स्वभाव बिल्कुल पवित्र है यानि क्रोध, ईष्या और लालच का कोई स्थान नहीं है| लेकिन जब हम क्रोध, लालच और ईष्या को अपना स्वभाव बनाने की कोशिश करने लगते है तो हम दुखी हो जाते है|
एक चोर को भले ही यह लगता है कि वह चोरी करके खुश हो जाएगा, लेकिन वास्तव में वह चोरी करके अपनी समस्याओं को बढ़ाता है|
जब हम किसी दूसरे व्यक्ति की बुराई करते है, तब हम सबसे अधिक स्वयं को नुकसान पहुंचाते है क्योंकि हमने अपनी अंतरात्मा की आवाज नहीं सुनी|
गौतम बुद्ध ने एक बहुत अच्छी बात कही है –
“त्तुम्हे अपने क्रोध के लिए सजा नहीं मिलती बल्कि तुम्हे अपने क्रोध से ही सजा मिलती है|”
ज्यादातर लोगों को लगता है कि अगर हम क्रोध, ईष्या या लालच करेंगे तो हमें ईश्वर सजा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं है| दरअसल जब हम क्रोध, ईष्या, लालच या और कुछ भी बुरा करते है तो हमारा अंतरात्मा से संपर्क कमजोर हो जाते है और यही हमारी सजा होती है|
हम अपने दुखों और समस्याओं के लिए स्वंय जिम्मेदार होते है| मनुष्य का खुश रहना इस बात पर निर्भर करता है कि उसका अपनी अंतरात्मा के साथ संपर्क कितना मजबूत है| अंतरात्मा की आवाज को अनसुना करके हम अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारते है|

रहीम दास के लोकप्रिय दोहे

रहीम दास के लोकप्रिय दोहे – Rahim Ke Dohe with Meaning in Hindi


रहीम जी का हिंदी साहित्य (Hindi Sahitya) जगत में योगदान अतुल्य है। समाज को आईना दिखाने वाली बातें, वे अपने दोहों में कह जाते थे। मानव जाति को रहीम के दोहों से सही एवं गलत में फर्क करने की सीख मिलती है। उन्होंने सदैव सरल भाषा का प्रयोग किया जिससे उनकी वाणी और लोकप्रिय हुई।

 

रहीम के दोहे – Rahim ke dohe

Rahim das ji ke dohe hindi me

दोहा   रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय|
टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि प्रेम का नाता नाज़ुक होता है. इसे झटका देकर तोड़ना उचित नही होता| यदि यह प्रेम का धागा एक बार टूट जाता है, तो फिर इसे मिलाना कठिन होता है और यदि मिल भी जाए तो टूटे हुए धागों के बीच में गाँठ पड़ जाती है|

दोहा   बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय|
रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय||
अर्थ: मनुष्य को सोच समझकर व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि किसी कारणवश यदि बात बिगड़ जाती है तो फिर उसे बनाना कठिन होता है, जैसे यदि एक बार दूध फट गया तो लाख कोशिश करने पर भी उसे मथ कर मक्खन नही निकाला जा सकेगा|

दोहा   रहिमन देखि बडेन को, लघु न दीजिए डारि|
जहां काम आवे सुई, कहा करे तरवारि||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि बड़ी वस्तु को देखकर छोटी वस्तु को फेंक नहीं देना चाहिए‐ जहाँ छोटी सी सुई काम आती है, वहां तलवार बेचारी क्या कर सकती है?

दोहा   जो रहीम उतम प्रकृति, का करी सकत कुसंग|
चन्दन विष व्यापे नहीं, लिपटे रहत भुजंग||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि जो अच्छे स्वभाव के मनुष्य होते हैं, उनको बुरी संगति भी बिगाड़ नही पाती‐ जहरीले सांप चन्दन के वृक्ष से लिपटे रहने पर भी उस पर कोई जहरीला प्रभाव नहीं डाल पाते|
दोहा   रूठे सुजन मनाइए, जो रूठे सौ बार|
रहिमन फिरि फिरि पोइए, टूटे मुता हार||
अर्थ: यदि आपका प्रिय सौ बार भी रूठे, तो भी रूठे हुए प्रिय को मनाना चाहिए| क्योंकि यदि मोतियों कि माला टूट जाए तो भी उन मोतियों मो बार बार धागे में पिरों लिया जाता है|

दोहा   जो बड़ेन को लघु कहें, नहीं रहीम घटी जाहिं|
गिरधर मुरलीधर कहें, कछु दुःख मानत नाहिं||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि बड़े को छोटा कहने से बड़े का बड़प्पन नहीं घटता| गिरिधर (कृष्ण) को मुरलीधर कहने से उनकी महिमा में कमी नहीं होती|

दोहा   जैसी परे सो सहि रहे, कहि रहीम यह देह|
धरती ही पर परत है, सीत घाम औ मेह||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि मनुष्य को सहनशील बनना चाहिए| जैसे धरती शीत, धूप और वर्षा सहन करती है, उसी प्रकार शरीर को सुख-दुःख सहन करना चाहिए||

दोहा –  खीरा सिर ते काटि के, मलियत लौंन लगाय|
रहिमन करूए मुखन को, चाहिए यही सजाय||
अर्थ: खीरे का कड़ुवापन दूर करने के लिए उसके ऊपरी सिरे को काटने के बाद नमक लगाकर घिसा जाता है‐ रहीम कहते हैं कि  कटु वचन बोलने वाले के लिए यह सज़ा ठीक है.

दोहा   दोनों रहिमन एक से, जों लों बोलत नाहिं|
जान परत है काक पिक, रितु बसंत के माहिं||
अर्थ: कौआ और कोयल रंग में एक समान होते हैं‐ जब तक ये बोलते नहीं तब तक इनकी पहचान नही हो पाती‐ लेकिन जब वसंत ऋतु आती है तो कोयल की मधुर आवाज़ से दोनों का अंतर स्पष्ट हो जाता है.

दोहा   रहिमन अंसुवा नयन ढरि, दुःख प्रगेट करेड़|
जाहि निकारौ गेह ते, कस न भेद कहि देइ||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि आंसू नयनों से बहकर मन का दुःख प्रकट कर देते हैं‐ सत्य ही है, कि जिसे घर से निकाला जाएगा वह घर का भेद दूसरों से कह ही देगा.

दोहा –  रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखो गोय|
सुनी इठलैहैं लोग सब, बांटी न लेंहै कोय||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि अपने मन के दुःख को मन के भीतर छिपा कर ही रखना चाहिए‐ दूसरे कर दुःख सुनकर लोग इठला भले ही लें, उसे बांट कर कम करने वाला कोई नही होता.

दोहा   पावस देखि रहीम मन, कोइल साधे मौन|
अब दादुर वता भए, हमको पूछे कौन||
अर्थ: वर्षा ऋतु को देखकर कोयल और रहीम के मन ने मौन साध लिया है‐ अब तो मेंढक ही बोलने वाले हैं‐ हमारी तो कोई बात ही नहीं पूछता‐ मतलब यह है कि कुछ अवसर ऐसे आते हैं जब गुणवान को चुप रहना पड़ता है‐ उनका कोई आदर नहीं करता और गुणहीन वाचाल व्यक्तियों का ही बोलबाला हो जाता है|

दोहा   रहिमन विपदा हू भली, जो थोरे दिन होय|
हित अनहित या जगत में, जान परत सब कोय||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि यदि विपति कुछ समय की हो तो वह भी ठीक ही है, क्योंकि विपति में ही सबके विषय में जाना जा सकता है, कि संसार में कौन हमारा हितैषी है और कौन नहीं|

दोहा   वे रहीम नर धन्य हैं, पर उपकारी अंग|
बांटन वारे को लगे, ज्यों मेंहदी को रंग||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि वे लोग धन्य हैं जिनका शरीर सदा सबका उपकार करता है| जिस प्रकार मेंहदी बांटने वाले के अंग पर भी मेंहदी का रंग लग जाता है, उसी प्रकार परोपकारी का भी परोपकार से भला होता है |

दोहा   समय पाय फल होत है, समय पाय झरी जात|
सदा रहे नहिं एक सी, का रहिम पछितात||
अर्थ: रहीम कहते हैं कि उपयुक्त समय आने पर वृक्ष में फल लगता है‐ झड़ने का समय आने पर वह झड़ जाता है| किसी की अवस्था एक जैसी नहीं रहती, इसलिए दुःख के समय चिंता करना व्यर्थ है|

दोहा   गुन ते लेत रहीम जनए सलिल कूप ते काढिण|
कूपहु ते कहूँ होत हैए मन काहू को बाढी||
अर्थ: रहीम कहते हैं जिस तरह गहरे कुंए से भी बाल्टी डालकर पानी निकाला जा सकता हैं उसी तरह अच्छे कर्मों द्वारा किसी भी व्यक्ति के दिल में अपने लिए प्यार भी उत्पन्न किया जा सकता हैं क्योंकि मनुष्य का ह्रदय कुएँ से गहरा नहीं होता|

दोहा   तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहि न पान|
कहि रहीम पर काज हितए संपति सँचहि सुजान||
अर्थ: वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते हैं और सरोवर भी अपना पानी स्वयं नहीं पीती हैण् इसी तरह अच्छे और सज्जन व्यक्ति वो हैं जो दूसरों के कार्य के लिए संपत्ति को संचित करते हैं||


दोहा   एकहि साधै सब सधैए, सब साधे सब जाय|
रहिमन मूलहि सींचबोए, फूलहि फलहि अघाय||
अर्थ:  एक को साधने से सब सधते हैं. सब को साधने से सभी के जाने की आशंका रहती है – वैसे ही जैसे किसी पौधे के जड़ मात्र को सींचने से फूल और फल सभी को पानी प्राप्त हो जाता है और उन्हें अलग अलग सींचने की जरूरत नहीं होती है.

दोहा   रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून|
पानी गये न ऊबरे मोती मानुष चून||
अर्थ:  इस दोहे में रहीम ने पानी को तीन अर्थों में प्रयोग किया है – पानी का पहला अर्थ मनुष्य के संदर्भ में है जब इसका मतलब विनम्रता से है. रहीम कह रहे हैं कि मनुष्य में हमेशा विनम्रता| पानी का दूसरा अर्थ आभाए तेज या चमक से है, जिसके बिना मोती का कोई मूल्य नहीं| पानी का तीसरा अर्थ जल से है जिसे आटे से जोड़कर दर्शाया गया है| रहीम का कहना है कि जिस तरह आटे का अस्तित्व पानी के बिना नम्र नहीं हो सकता और मोती का मूल्य उसकी आभा के बिना नहीं हो सकता है, उसी तरह मनुष्य को भी अपने व्यवहार में हमेशा विनम्रता रखना चाहिए जिसके बिना उसका उसका कोई मूल्य नहीं होता |

विश्वास की शक्ति : Power of Belief

प्रेरक प्रसंग : मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

विश्वास की शक्ति : Power of Belief 

जिंदगी में किया गया कोई भी काम या मेहनत कभी बेकार नहीं जाती| हम जितनी मेहनत करते है उसका प्रतिफल हमें किसी न किसी रूप में अवश्य मिलता है, यही सत्य है|
फर्क केवल इतना है कि कुछ व्यक्ति इस बात पर विश्वास करते है कि “मेहनत कभी बेकार नहीं जाती” और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तब तक प्रयास करते रहते है जब तक कि लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते| वहीँ दूसरी और कुछ व्यक्ति जल्दी ही हार मान लेते है और प्रयास करना बंद कर देते है|
यही सफलता और असफलता के बीच का फर्क है जिसे हम विश्वास या आत्मविश्वास कह सकते है क्योकि सारा खेल विश्वास का ही है
विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इन्सान को पत्थरदिल बना सकता है|

मैंने जब से इस बात पर विश्वास करना शुरू किया है कि “मेहनत कभी बेकार नहीं जाती” तब से “मेरी मेहनत कभी बेकार नहीं गयी” और शायद इसी विश्वास के कारण मैं आज यह लेख लिख पा रहा हूँ|

प्रेरक प्रसंग : थॉमस अल्वा एडिसन – Thomas Alva Edison Prerak Prasang  

महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन (Thomas Alva Edison) बहुत ही मेहनती एंव जुझारू प्रवृति के व्यक्ति थे| बचपन में उन्हें यह कहकर स्कूल से निकाल दिया गया कि वह मंद बुद्धि बालक है| उसी थॉमस एडिसन ने कई महत्वपूर्ण आविष्कार किये जिसमें से “बिजली का बल्ब” प्रमुख है| उन्होंने बल्ब का आविष्कार करने के लिए हजारों बार प्रयोग किये थे तब जाकर उन्हें सफलता मिली थी|
एक बार जब वह बल्ब बनाने के लिए प्रयोग कर रहे थे तभी एक व्यक्ति ने उनसे पूछा – “आपने करीब एक हजार प्रयोग किये लेकिन आपके सारे प्रयोग असफल रहे और आपकी मेहनत बेकार हो गई| क्या आपको दुःख नहीं होता?”
एडिसन ने कहा – “मै नहीं समझता कि मेरे एक हजार प्रयोग असफल हुए है| मेरी मेहनत बेकार नहीं गयी क्योंकि मैंने एक हजार प्रयोग करके यह पता लगाया है कि इन एक हजार तरीकों से बल्ब नहीं बनाया जा सकता| मेरा हर प्रयोग, बल्ब बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं अपने प्रत्येक प्रयास के साथ एक कदम आगे बढ़ता हूँ|”
कोई भी सामान्य व्यक्ति होता तो वह जल्द ही हार मान लेता लेकिन थॉमस एडिसन ने अपने प्रयास जारी रखे और हार नहीं मानी| आखिरकार एडिसन की मेहनत रंग लायी और उन्होंने बल्ब का आविष्कार करके पूरी दुनिया को रोशन कर दिया|
यह थॉमस एडिसन का विश्वास ही था जिसने आशा की किरण को बुझने नहीं दिया नहीं और पूरी दुनिया को बल्ब के द्वारा रोशन कर दिया|

सफलता के रास्ते तभी खुलते है जब हम उसके करीब पहुँच जाते है

“मेहनत कभी बेकार नहीं जाती| यह विश्वास ही हमें आगे बढ़ने एंव निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है| हमारा हर प्रयास हमें एक कदम आगे बढ़ाता है और हम जैसे जैसे आगे बढ़ते है वैसे वैसे हमारे लिए सफलता के रास्ते खुलते जाते है|
जो व्यक्ति विश्वास नहीं करता वो ज्यादा देर तक प्रयास नहीं कर पाता और जब वह प्रयास नहीं करता तो दूर से उसे आगे के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं क्योंकि सफलता के रास्ते हमारे लिए तभी खुलते जब हम उसके बिल्कुल करीब पहुँच जाते है|”

अधूरा सच

अधूरा सच – Heart Touching Story in Hindi

एक 25 वर्ष का लड़का ट्रेन में सफ़र करते वक्त खिड़की से बाहर के नज़ारे को देख रहा था|
वह अचानक चिल्लाया – “पापा, वो देखो पेड़ पीछे जा रहे है!”
पिताजी मुस्कराए|
पास में बैठा एक व्यक्ति, लड़के के इस बचपने व्यवहार को देखकर हैरान था और उसे लड़के पर दया आ रही थी|
थोड़ी देर बाद लड़का फिर ख़ुशी से चिल्लाया – “देखो पापा, बादल हमारे साथ चल रहे है!”
अब पास में बैठे व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने कहा – “आप अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते?”
लड़के के पिता ने कहा – “हम अभी अस्पताल से ही आ रहे है| दरअसल मेरा बेटा जन्म से ही अँधा था और आज ही उसको आँखे मिली है| आज वह पहली बार इस संसार को देख रहा है|”


हर व्यक्ति की अपनी एक कहानी होती है| सम्पूर्ण सच को जाने बिना किसी के भी व्यवहार के बारे में निर्णय नहीं करना चाहिए| हो सकता है कि जो दिख रहा है वह सम्पूर्ण सच न हो|

कबीर दास के दोहे

संत कबीर दास के लोकप्रिय दोहे – Kabir Ke Dohe

संत कबीर दास के लोकप्रिय दोहे – Kabir Ke Dohe with Meaning in Hindi
संत कबीर (Kabir) जी का हिंदी साहित्य (Hindi Sahitya) में विशिष्ट स्थान है| वे बड़ी बड़ी बातों को अपने दोहों के माध्यम से बड़ी सरलता से समझा देते थे| कबीर दास के दोहे (Kabir ke Dohe) समझकर इन्सान यह समझ जाता है कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं| उनके दोहे हिन्दू मुस्लिम एकता को प्रोत्साहित करते है और यह बतलाते है कि लोग धर्म के नाम पर आपस में झगड़ते है लेकिन इस सच्चाई को नहीं जान पाते कि भगवान तो सभी के होते है|
दोहा:- हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना
आपस में दोउ लड़ी-लड़ी  मरे, मरम न जाना कोई।
अर्थ : कबीर दास जी कहते है कि हिन्दुओं को राम प्यारा है और मुसलमानों (तुर्क) को रहमान| इसी बात पर वे आपस में झगड़ते रहते है लेकिन सच्चाई को नहीं जान पाते |
दोहा:- काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
     पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगो कब |
अर्थ:- कबीर दास जी कहते हैं कि जो कल करना है उसे आज करो और जो आज करना है उसे अभी करो| जीवन बहुत छोटा होता है अगर पल भर में समाप्त हो गया तो क्या करोगे|

दोहा:- धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय
     माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय|
अर्थ:- कबीर दास जी कहते है कि हमेशा धैर्य से काम लेना चाहिए| अगर माली एक दिन में सौ घड़े भी सींच लेगा तो भी फल तो ऋतु आने पर ही लगेंगे|
दोहा:- निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय
     बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय|
अर्थ:- कबीर जी कहते है कि निंदा करने वाले व्यक्तियों को अपने पास रखना चाहिए क्योंकि ऐसे व्यक्ति बिना पानी और साबुन के हमारे स्वभाव को स्वच्छ कर देते है|
दोहा:- माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख
माँगन ते मारना भला, यह सतगुरु की सीख|
अर्थ:- कबीरदास जी कहते कि माँगना मरने के समान है इसलिए कभी भी किसी से कुछ मत मांगो|
दोहा:- साईं इतना दीजिये, जा मे कुटुम समाय
     मैं भी भूखा न रहूँ, साधु ना भूखा जाय|
अर्थ:- कबीर दास जी कहते कि हे परमात्मा तुम मुझे केवल इतना दो कि जिसमे मेरे गुजरा चल जाये| मैं भी भूखा न रहूँ और अतिथि भी भूखे वापस न जाए|

दोहा:- दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय
     जो सुख में सुमिरन करे, दुःख काहे को होय|
अर्थ:- कबीर कहते कि सुख में भगवान को कोई याद नहीं करता लेकिन दुःख में सभी भगवान से प्रार्थना करते है| अगर सुख में भगवान को याद किया जाये तो दुःख क्यों होगा|

दोहा:- तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय
कबहुँ उड़ी आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय।

अर्थ:- कबीर दास जी कहते है कभी भी पैर में आने वाले तिनके की भी निंदा नहीं करनी चाहिए क्योंकिं अगर वही तिनका आँख में चला जाए तो बहुत पीड़ा होगी|
दोहा:- साधू भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं
     धन का भूखा जी फिरै, सो तो साधू नाहिं।
अर्थ:- कबीर दास जी कहते कि साधू हमेशा करुणा और प्रेम का भूखा होता और कभी भी धन का भूखा नहीं होता| और जो धन का भूखा होता है वह साधू नहीं हो सकता|
दोहा:- माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर,
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।

अर्थ:- कबीर जी कहते है कि कुछ लोग वर्षों तक हाथ में लेकर माला फेरते है लेकिन उनका मन नहीं बदलता अर्थात् उनका मन सत्य और प्रेम की ओर नहीं जाता| ऐसे व्यक्तियों को माला छोड़कर अपने मन को बदलना चाहिए और सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए|
दोहा:- जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय
यह आपा तो डाल दे, दया करे सब कोय।

अर्थ:- कबीर दास जी कहते है अगर हमारा मन शीतल है तो इस संसार में हमारा कोई बैरी नहीं हो सकता| अगर अहंकार छोड़ दें तो हर कोई हम पर दया करने को तैयार हो जाता है|
दोहा:- जैसा भोजन खाइये , तैसा ही मन होय
     जैसा पानी पीजिये, तैसी वाणी होय।
अर्थ:- कबीर दास जी कहते है कि हम जैसा भोजन करते है वैसा ही हमारा मन हो जाता है और हम जैसा पानी पीते है वैसी ही हमारी वाणी हो जाती है|
दोहा:- कुटिल वचन सबतें बुरा, जारि करै सब छार
     साधु वचन जल रूप है, बरसै अमृत धार।
अर्थ:- बुरे वचन विष के समान होते है और अच्छे वचन अमृत के समान लगते है|
दोहा:- जिन खोजा तिन पाइया, गहरे पानी पैठ
     मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ|
अर्थ:- जो जितनी मेहनत करता है उसे उसका उतना फल अवश्य मिलता है| गोताखोर गहरे पानी में जाता है तो कुछ ले कर ही आता है, लेकिन जो डूबने के डर से किनारे पर ही बैठे रह जाते हैं वे कुछ नहीं कर पाते हैं|

krapa shankar

Law of Attraction in Hindi : सपने हमेशा सच होते है

“Law of Attraction” या “आकर्षण का सिद्धांत” एक चर्चित विषय या विचारधारा है| Law of Attraction के अनुसार हमारे साथ वैसा ही होता है जैसा हम सोचते या मानते है| यानि कि हमारी सोच या विश्वास हमेशा हकीकत बनती है|

Law of Attraction एक प्राकृतिक सत्य है| जब हम किसी चीज को सच्चे दिल से चाहें तो एक अद्भुत प्राकृतिक शक्ति उस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमारी मदद करने लग जाती है| हमारी सारी समस्याएं दूर होने लगती है और सारे बंद दरवाजे अपने आप खुलने लगते है|
मैंने Law of Attraction को कई बार अपने जीवन में अनुभव किया है और यह एक सार्वभौमिक सत्य (Universal Truth) है| हैप्पीहिंदी.कॉम का बनना “Law of Attraction” का एक शानदार उदाहरण है जिसे मैंने अपने जीवन में अनुभव किया है|
जब मैंने पहली बार हैप्पीहिंदी.कॉम बनाने के बारे में सोचा था तो मुझे यह भी नहीं पता था कि ब्लॉग कैसे बनाया जाता है?, Domain and Web Hosting क्या होते है?, WordPress और Blogger क्या है| और तो और उस समय मेरे पास कंप्यूटर भी नहीं था|
धीरे-धीरे मैंने ब्लॉग के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की| लेकिन कंप्यूटर न होने के कारण हिंदी ब्लॉग बनाने का सपना धीरे-धीरे टूटने लगा| लेकिन कुछ ही महीने बाद यह सपना फिर से जाग गया और अब मैं यह सोचने लगा कि काश मेरे पास कंप्यूटर हो तो मैं हिंदी ब्लॉग बना सकूँ|
कुछ ही महीनों बाद मैंने कंप्यूटर खरीद लिया लेकिन ब्लॉग बनाने के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण मैंने इस बारे में सोचना बंद कर दिया क्योंकि उस समय मुझे लगा कि ब्लॉग बनाने के लिए प्रोग्रामिंग आनी चाहिए|
लेकिन एक दिन फिर ऐसे ही Internet पर सर्च करते समय मैंने Wordress के बारे में पढ़ा और पता चला कि वर्डप्रेस में कोई भी ब्लॉग बना सकता है और इसके लिए Programming Skills जरूरी नहीं है|
अब फिर से मेरा ब्लॉग बनाने का सपना जाग गया और 5-7 दिनों में ही Domain और Hosting खरीदकर वर्डप्रेस में ब्लॉग बना दिया| ब्लॉग बनाने के बाद मुझे एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ क्योंकि यह सब अपने आप अचानक ही हो रहा था शायद कोई शक्ति मेरी मदद कर रही हो|
मैंने ब्लॉग बना तो दिया लेकिन मुझे ब्लॉग्गिंग के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी| लेकिन धीरे धीरे इन्टरनेट से जानकारी जुटा कर मैंने सफलता से एक अच्छा हिंदी ब्लॉग बना दिया|
कुछ समय बाद पता चला कि Google Adsense (जो कि ब्लॉग से कमाई का सबसे अच्छा तरीका है) हिंदी भाषा के Blogs को Support नहीं करता| एक बार तो बहुत निराशा हुई और सोचा कि काश गूगल एडसेंस, Hindi Blogs को भी Support करता| लेकिन लगातार बढ़ते Traffic से प्रेरित होकर मैंने ब्लॉग्गिंग जारी रखी|
कुछ ही महीनों बाद अचानक ही एक दिन पता चला कि Google Adsense अब हिंदी भाषा के Blogs को भी सपोर्ट करने लगा है| अब सारी निराशा दूर हो चुकी थी और Hindi Blogs के लिए एक नई शुरुआत हो चुकी थी|
इस तरह Law of Attraction के कारण आज Happyhindi.com सफलता के साथ हिंदी के टॉप ब्लॉग्स में शामिल है|

How to Change Life with Law of Attraction


सपने देखिए : Be a Dreamer

क्या आप दिन में सपने देखते हैं?  
अगर आपका जवाब हाँ है तो आप अभी तक इन्सान है| और अगर आपका जवाब ना है तो शायद आप एक रोबोट बन चुके है या बनने जा रहे है|
सभी इन्सान सपने देखते है लेकिन 30 वर्ष की उम्र तक आते-आते ज्यादातर व्यक्ति परिस्थितियों के आगे हार मान लेते है और वो एक रोबोट की तरह परिस्थितियों के अनुसार चलते है|
अगर आप चाहते है कि आपके सपने सच हो तो आपको सपने देखने पड़ेगें|

क्या आपके सपनों में “शक्ति” है? : Willpower

अब्दुल कलाम ने कहा है –
सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखते है, सपने वो है जो आपको नींद नहीं आने देते।
अगर आपके लक्ष्य या सपनों में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी है तो आपका सपना कभी हकीकत नहीं बन सकता| दृढ़ इच्छाशक्ति ही Law of Attraction का आधार है| यह इच्छाशक्ति ही है जो आपको “लक्ष्य” से जोड़े रखती है और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है|
और जब आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होते है तो पूरी कायनात आपके लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी मदद करती है|   

विश्वास :  Confidence

Law of Attraction in Hindi
आपके लक्ष्य में “डर” का कोई स्थान नहीं होना चाहिए| अगर आपको स्वंय पर पूरा विश्वास नहीं है या फिर “असफलता का डर” है तो आपका सपना या लक्ष्य शक्तिहीन है| जहाँ “डर” होता है वहां “विश्वास” कमजोर पड़ जाता है| और जब आपको स्वंय पर ही विश्वास नहीं रहता तो पूरी कायनात आपकी मदद कैसे करेगी?

 Law of Attraction = Dreams + Willpower + Confidence

अपने सपनों को जिन्दा रखिए| अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई है तो इसका मतलब यह है कि आपने जीते जी आत्महत्या कर ली है|

नजरिया – Attitude

एक दिन एक अमीर व्यक्ति अपने बेटे को एक गाँव की यात्रा पर ले गया| वह अपने बेटे को यह बताना चाहता था वे कितने अमीर और भाग्यशाली है जबकि गाँवों के लोग कितने गरीब है| उन्होंने कुछ दिन एक गरीब के खेत पर बिताए और फिर अपने घर वापस लौट गए|
घर लौटते वक्त रास्ते में उस अमीर व्यक्ति ने अपने बेटे को पूछा – “तुमने देखा लोग कितने गरीब है और वे कैसा जीवन जीते है??   
बेटे ने कहा – “हां मैंने देखा”
हमारे पास एक कुता है और उनके पास चार है”
“हमारे पास एक छोटा सा स्वीमिंग पूल है और उनके पास एक पूरी नदी है”
“हमारे पास रात को जलाने के लिए विदेशों से मंगाई हुई कुछ महँगी लालटेन है और उनके पास रात को चमकने वाले अरबों तारें है”
“हम अपना खाना बाज़ार से खरीदते है जबकि वे अपना खाना खुद अपने खेत में उगाते है”
“हमारा एक छोटा सा परिवार है जिसमें पांच लोग है, जबकि उनका पूरा गाँव, उनका परिवार है”
“हमारे पास खुली हवा में घूमने के लिए एक छोटा सा गार्डन है और उनके पास पूरी धरती है जो कभी समाप्त नहीं होती”
“हमारी रक्षा करने के लिए हमारे घर के चारों तरफ बड़ी बड़ी दीवारें है और उनकी रक्षा करने के लिए उनके पास अच्छे-अच्छे दोस्त है”

अपने बेटे की बाते सुनकर अमीर व्यक्ति कुछ बोल नहीं पा रहा था| बेटे ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा –
“धन्यवाद पिताजी, मुझे यह बताने के लिए की हम कितने गरीब है”

Inspirational Story

Inspirational Story


एक बार कुछ बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में डाला गया और वहां पर एक सीढी लगाई गई| सीढी के ऊपरी भाग पर कुछ केले लटका दिए गए|
उन केलों को खाने के लिए एक बन्दर सीढी के पास पहुंचा| जैसे ही वह बन्दर सीढी पर चढ़ने लगा, उस पर बहुत सारा ठंडा पानी गिरा दिया गया और उसके साथ-साथ बाकी बंदरों पर भी पानी गिरा दिया गया| पानी डालने पर वह बन्दर भाग कर एक कोने में चला गया|
थोड़ी देर बाद एक दूसरा बन्दर सीढी के पास पहुंचा| वह जैसे ही सीढी के ऊपर चढ़ने लगा, फिर से बन्दर पर ठंडा पानी गिरा दिया गया और इसकी सजा बाकि बंदरों को भी मिली और साथ-साथ दूसरे बंदरो पर भी ठंडा पानी गिरा दिया गया | ठन्डे पानी के कारण सारे बन्दर भाग कर एक कोने में चले गए|
यह प्रक्रिया चलती रही और जैसे ही कोई बन्दर सीढी पर केले खाने के लिए चढ़ता, उस पर और साथ-साथ बाकि बंदरों को इसकी सजा मिलती और उन पर ठंडा पानी डाल दिया जाता|
बहुत बार ठन्डे पानी की सजा मिलने पर बन्दर समझ गए कि अगर कोई भी उस सीढी पर चढ़ने की कोशिश करेगा तो इसकी सजा सभी को मिलेगी और उन सभी पर ठंडा पानी डाल दिया जाएगा|
अब जैसे ही कोई बन्दर सीढी के पास जाने की कोशिश करता तो बाकी सारे बन्दर उसकी पिटाई कर देते और उसे सीढी के पास जाने से रोक देते|
थोड़ी देर बाद उस बड़े से पिंजरे में से एक बन्दर को निकाल दिया गया और उसकी जगह एक नए बन्दर को डाला गया|
नए बन्दर की नजर केलों पर पड़ी| नया बन्दर वहां की परिस्थिति के बारे में नहीं जानता था इसलिए वह केले खाने के लिए सीढी की तरफ भागा| जैसे ही वह बन्दर उस सीढी की तरफ भागा, बाकि सारे बंदरों ने उसकी पिटाई कर दी|
Monkey Story
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नया बन्दर यह समझ नहीं पा रहा था कि उसकी पिटाई क्यों हुई | लेकिन जोरदार पिटाई से डरकर उसने केले खाने का विचार छोड़ दिया|
अब फिर एक पुराने बन्दर को उस पिंजरे से निकाला गया और उसकी जगह एक नए बन्दर को पिंजरे में डाला गया| नया बन्दर बेचारा वहां की परिस्थिति को नहीं जनता था इसलिए वह केले खाने के लिए सीढी की तरफ जाने लगा और यह देखकर बाकी सारे बंदरों ने उसकी पिटाई कर दी| पिटाई करने वालों में पिछली बार आया नया बन्दर भी शामिल था जबकि उसे यह भी नहीं पता था कि यह पिटाई क्यों हो रही है|
यह प्रक्रिया चलती रही और एक-एक करके पुराने बंदरों की जगह नए बंदरों को पिंजरे में डाला जाने लगा| जैसे ही कोई नया बन्दर पिंजरे में आता और केले खाने के लिए सीढी के पास जाने लगता तो बाकी सारे बन्दर उसकी पिटाई कर देते|
अब पिंजरे में सारे नए बन्दर थे जिनके ऊपर एक बार भी ठंडा पानी नहीं डाला गया था| उनमें से किसी को यह नहीं पता था कि केले खाने के लिए सीढी के पास जाने वाले की पिटाई क्यों होती है लेकिन उन सबकी एक-एक बार पिटाई हो चुकी थी|
अब एक और बन्दर को पिंजरे में डाला गया और आश्चर्य कि फिर से वही हुआ| सारे बंदरों ने उस नए बन्दर को सीढी के पास जाने से रोक दिया और उसकी पिटाई कर दी जबकि पिटाई करने वालों में से किसी को भी यह नहीं पता था कि वह पिटाई क्यों कर रहे है|

हमारे जीवन भी ऐसा ही कुछ होता है| अन्धविश्वास और कुप्रथाओं का चलन भी कुछ इसी तरह होता है क्योंकि उन हम लोग प्रथाओं और रीति-रिवाजों के पीछे का कारण जाने बिना ही उनका पालन करते रहते है और नए कदम उठाने की हिम्मत कोई नहीं करता क्योंकि ऐसा करने पर समाज के विरोध करने का डर बना रहता है|
कोई भी कुछ नया करने की सोचता है तो उसे कहीं न कहीं लोगों के विरोध का सामना करना ही पड़ता है|
भारत की जनसँख्या 121 करोड़ से ऊपर है लेकिन भारत खेलों में बहुत पीछे है क्योंकि ज्यादातर अभिवावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में जाने से रोकते है क्योंकि बाकी सारा समाज भी ऐसा ही कर रहा है| उन्हें असफलता का डर लगा रहता है|
ये बड़ी अजीब बात है कि अभी हाल ही में उतरप्रदेश में चपरासी के सिर्फ 368 पदों के लिए 23 लाख आवेदन आए थे और उसमें से भी 1.5 लाख ग्रेजुएट्स, 25000 पोस्ट ग्रेजुएट्स थे और 250 आवेदक ऐसे थे जिन्होंने पीएचडी की हुई थी|
दूसरी तरफ भारत को आज भी विदेशों से लाखों करोड़ का सामान इम्पोर्ट करना पड़ता है और खेल जैसे क्षेत्र में भारत बहुत पीछे है|
संभावनाएं बहुत है लेकिन हम उन्हें देख नहीं पाते क्योंकि हम भीड़चाल में चलते है|
ये हमारी मानसिकता ही है जो हमें पीछे धकेल रही है| हम चाहें तो बन्दर की तरह लोगों की देखा देखी कर सकते या फिर खुद की स्वतन्त्र सोच के बल पर सफलता की सीढी चढ़ सकते है|

अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायक कहानी

अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायक कहानी 

Success Story of Arunima Sinha 

11 अप्रेल, 2011 ! राष्ट्रीय स्तर की वालीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा, पद्मावती एक्सप्रेस में लखनऊ से दिल्ली जा रही थी| बीच रास्ते में कुछ लुटेरों ने सोने की चेन छिनने का प्रयास किया, जिसमें कामयाब न होने पर उन्होंने अरुणिमा को ट्रेन से नीचे फेंक दिया|
पास के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन उनके बाएँ पैर के ऊपर से निकल गयी जिससे उनका पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया| वे अपना बायाँ पैर खो चुकी थी और उनके दाएँ पैर में लोहे की छड़े डाली गयी थी| उनका चार महीने तक दिल्ली के आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में इलाज चला|
इस हादसे ने उन्हें लोगों की नज़रों में असहाय बना दिया था और वे खुद को असहाय नहीं देखना चाहती थी|
क्रिकेटर युवराज सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने कुछ ऐसा करने की सोची ताकि वह फिर से आत्मविश्वास भरी सामान्य जिंदगी जी सके|
अब उनके कृत्रिम पैर लगाया जा चुका था और अब उनके पास एक लक्ष्य था| वह लक्ष्य था दुनिया कि सबसे ऊँची पर्वत चोटी माउंट एवेरेस्ट को फतह करना|
अब तक कोई विकलांग ऐसा नहीं कर पाया था|
एम्स से छुट्टी मिलते ही वे भारत की एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला पर्वतारोही “बिछेन्द्री पॉल” से मिलने चली गई| अरुणिमा ने पॉल की निगरानी में ट्रेनिंग शुरू की|
कई मुसीबतें आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे पर्वतारोहण की ट्रेनिंग पूरी की|

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्होंने एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की| 52 दिनों की कठिन चढ़ाई के बाद आखिरकार उन्होंने
21 मई 2013 को उन्होंने एवेरेस्ट फतह कर ली| एवेरस्ट फतह करने के साथ ही वे विश्व की पहली विकलांग महिला पर्वतारोही बन गई|
एवरेस्ट फतह करने के बाद भी वे रुकी नहीं| उन्होंने विश्व के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची पर्वत चोटियों को फतह करने का लक्ष्य रखा|
जिसमें से अब तक वे कई पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी है और वे अपने इस लक्ष्य पर लगातार आगे बढ़ रही है|

वे अपने इस महान प्रयासों के साथ साथ विकलांग बच्चों के लिए “शहीद चंद्रशेखर आजाद विकलांग खेल अकादमी” भी चलाती है|
एक भयानक हादसे ने अरुणिमा की जिंदगी बदल दी| वे चाहती तो हार मानकर असहाय की जिंदगी जी सकती थी लेकिन उन्हें असहाय रहना मंजूर नहीं था| उनके हौसले और प्रयासों ने उन्हें फिर से एक नई जिंदगी दे दी|
अरुणिमा जैसे लोग भारत की शान है और यही वो लोग है, जो नए भारत का निर्माण करने में एक नींव का काम कर रहे है| युवराज सिंह से प्रेरित होकर अरुणिमा ने अपनी जिंदगी बदल दी और अब अरुणिमा कहानी हजारों लोगों की जिंदगी बदल रही है| 
अरुणिमा की कहानी निराशा के अंधकार में प्रकाश की एक किरण के सामान है जो सम्पूर्ण अन्धकार को प्रकाश में बदल देती है| 

शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

Baadshah Ka Tota

Baadshah Ka Tota



Ek baar ek aadmi ek khubsurat bolne wale tote ko lekar darbar mein upastit hua tote ki khubiya aur bolne ki kala par mohit hokar tota lane wale ko inaam dekar tota ko rakh liya aur use vida kiya.

Fursat ke shano mein badshah tote ko padate the, tota sikhne mein mahir thaw o sab kuch jaldi hi sikh jata. Badshah uski iss partiba ko dekhakr use insaano se zyada pyar dene lage.

Lekin inn sab se begam bahut chidi hui thi kyunki tote ke aane ke baad badshah ke pass begam ke liiye waqt hi nahi hota tha. Iss wajah se begam ne khana-peena tyag kar Anshan pe baith gayi aur unhone apne Anshan rakhne ki wajah mein tote ko ghar se bahar nikalne ko kaha.




Akbar Birbal Ki Kahani

Badshah ne socha agar sach mein begam ko kuch ho gaya to pure darbar mein log mujpar hasenge ki tote ko maine begam se zyada tabazu di. Ye sochkar unhone apne naukar ko tota saup diya aur kaha gaya ise acchi tarah rakha jaye khaya pilaya jaye jo iske marne ki khabar mere paas pehle layega use martudand milega.

Ab tota mehal se bahar naukar ki dekh rekh mein rehta badshah bahar tehlane ke bahane se jaate or kuch der usse khel aate.
Ek din achanak hi billi ne pinjre ko khula dekhkar tote ko maar diya.
Jis naukar ko ye tota saupa gaya tha wo apni jaan gawane ke darr se we birba se madad mangne gaye or sab kuch birbal ko keh sunaya.
Birbal ne unhe chup karte hue hue ghar jane ko kaha or khud darbar ki aur chal diye.
Darbar mein badshah se baato hi baato mein birbal ne kaha" hujur ka tota mahayodha aur ran kausal mein adwitiyeh prtibhawan nikla.
"kya keh rahe ho birbal" badshah ne chokkar kaha - use yudh mein kausal dikhane ka mauka kab mila"

Birbal :"ek jangli billi ke sath.."

Badshah: saaf saaf btao birbal kya weh jungle billi ke hathi maara gaya.
Birbal bole : badshah mein to yeh kehta hu usne Samadhi le li hai- usne aaj subah se n kuch khaya hai n usne apne pankh hilaye hai n hi hila dhula hai. N hi aankhe hi kholta hai.
Badhshah: chilane ke andaaz mein to saaf saaf ku nahi kehte ki wo jangli bille ka shikar ho gaya h or mar gaya hai.

"yeh to aap hi keh sakte hai aalampanah – yadi koi aisa keh de to use apne prano se hath dhona padega."

Badshah ne birbal ki bhudimata par kush hokar apni murkta par pachtawa kiya ki unhone ek tote ke liye insaan ji jaan ki khair n hone ki baat keh dali thi.
funny

Pyaaz ke gun

Pyaaz ke gun



Ek din badshah akbar ko apne darbario mein se ek mulla do-pyaza se majak karne ki sujhi.

Unhone pucha- "mantri ji, btaye aapko mulla do pyaza kyu kaha jata hai – kya aap bachpan mein do pyaaz kha jaya karte the."

Sabhi darbari iss baat pe jor jor se hasne lage- mulla do pyaza bagal jhakne lage. Unhone socha ki badshah ke parsan ka yadi santoshjanak utar n diya gaya to aur bhi majak udhaya jayega. Aaj tak iss aur usne kabhi dhayn hi nahi diya tha ki kab uska naam do-pyaza padh gaya. Wo to bachpan se hi iss naam ko sunte chale jaa rahe the. Jab unhe kuch n sujha to nirih mann se birbal ki aur jhaka.



Akbar Birbal Ki Kahani

Birbal baat ko sambhalte hue phat se bole– "jahapanah. . . maa-baap apne bacho ka naam kis arth mein rakh dete hau iska gyan bacho ko nahi hua karta. albatta uss khandan ke badhe budho ko hua karta hai jaise ki mujeh hai."

"aapko .." badshah ke sath aneh darbari bhi muskuraye.
"Jee badshah. Inke maa-baap ne mujse paramarsh karke yeh naam rakha tha" aur iss baat ko to sab jante hi hai ki pyaz mein wo gun hota hai jiske sugand se kide-makore door bgahte hai.
Bas inke maa-baap ne socha-inka naam do pyaza rakh diya jaye. Taaki ye jaha bhi jaye-jaha bhi rahe waha se kitanu ko bhaga de. iss parkar sabka bhala karne ke bhaw se inka naam do-pyaza rakha gay– iss naam ke partap se yeh iss lok mein logo ka kalyaan karke parlok sudhar rahe hai."

Birbal ke yeh baat sunkar sabhi darbariyo sahit wah-wah keh uthe. Aur mulla-do-pyaza jo birbal se nafrat karte the birbal ke parti udhar ho gaye. Aur aage jakar mulla do pyaza or birbal acche dost bhi bane.
funny

Char Murkh

Char Murkh


Ek din manoranjan ke waqt badshah ke mann mein ek baat aayi sansar mein murko ki ginti soo se adhik h parntu mein char murkh dekhna chahta hu jinki jod ke dusre murkh n ho, badshah ne birbal se kaha iss dang ke char murkh talash karo ki jinki jod ke dusre n mile birbal ne kaha jo aagya hujur.
Dundne walo ko kya nahi mil sakta kewal sachi lagan honi chayie kuch door jane ke baad birbal ko ek aadmi dhikayi pada jot halo mein paan ka ek joda bida aur mithayi liye badhe uthshah se nagar ki taraf jaldi bhaga jar aha tha.
Birbal ne uss aadmi se pucha kyu sahib yeh saman kaha liye ja rahe ho jo aapke pair khusi ke maare zamin par nahi pad rahe h.


Char murkh

Aapke mann ko janne ki mujhe badhi iccha h, ataveh thoda kasht kar batlate jaye. Uss aadmi ne birbal ko talne ki kosish ki kyunki weh apni niyat jagah par jaldi pahuchna chahta tha. Parantu birbal ne bar-bar use btane ka agreh kiya tab weh insaan bola mein late ho raha hu, parntu aapke itni baar puch lene par bata dena bhi jaruri h.
Meri aurat ne dusra khsam kar liya h uske bhulae par uske naute mein ja raha hu.
Birbal ne uss aadmi ko apna parichay dekar rok liya aur kaha tumhe badshah ke pass chalne hoga tab hi tum aage ja sakoge weh badshah ka naam sunkar darr gaya aur lachar hokar birbal ke sath ho liya.
Weh isko lekar aage badha devyog se raste mein ek godhi sawar mila weh aap to godhi sawar tha par apne sir par ek badha gatthar rakha hua tha.
Birbal ne uss aadmi ne pucha kyu bhai ye kya mamla h.aap apne sir ka bhoj godhi par ladhkar kyu nahi le jate. Uss aadmi ne utar diya garib parwar meri yeh ghodi garbhini h aisi dashamein uss par itna bojh nahi lada ja sakta.
Yeh mujhe le ja rahi h ye kya kam ganimat h, birbal ne dara dhamka kar uss ghodi swar ko bhi apne sath le liya,
ab birbal dono ke sath badshah ke pass pahucha birbal ne kaha ye charo murkh aapke samne h.
Badshah to do ko ho dekh raha tha atah: bola teesra tatha chauta murkh kaha h?
Birbal ne kaha teesra number hujur ka h jo aapko aise murkh dekhne ki iccha hoti h chota murkh mein hu, jo inhe dhundh kar laya hu.
Badshah ko birbal ke aise sahi utar se badhi khusi hui jab unhe dono ki murkhta ka parichay mila to khil–khila uthe.

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2016

dilwale


shakti


judai


kranti


nakab


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khoobsurat


anjam


akrosh